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केंद्र सरकार ऊर्जा क्षेत्र को निजीकरण करने जा रही है

ए के रॉय की रिपोर्ट 03/09/2020

केंद्र सरकार ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए कुछ राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों की डिस्‍कॉम का वित्‍त वर्ष 2020-21 में निजीकरण करने की योजना बना रही है. इनमें चंडीगढ़, अंडमान-निकोबार की डिस्‍कॉम शामिल हैं.
ऊर्जा मंत्रालय राज्‍यों की बिजली वितरण कंपनियों को पूंजी उपलब्‍ध कराने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए मंत्रालय केंद्रीय मंत्रिमंडल को सुधार आधारित प्रोत्‍साहन पैकेज योजना से जुड़ा प्रस्‍ताव सौंप सकता है. हालांकि, केंद्र सरकार हर डिस्‍कॉम के प्रदर्शन के आधार पर पावर सेक्‍टर को फंड्स मुहैया कराएगी. बता दें कि सुधार आधारित प्रोत्‍साहन योजना फंड के तहत 3.12 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का प्रस्‍ताव रखा गया है.
आपको बता दें कि बिजली सेक्टर को आर्थिक पैकेज देने के पीछे सरकार का उद्देश्य आम लोगों को राहत पहुंचाना है. क्योंकि बिना पैसों के बिजली
कई राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों की डिस्‍कॉम को होगा निजीकरण!
ऊर्जा क्षेत्र के लिए सुधार योजना के तहत कुछ राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों की डिस्‍कॉम का वित्‍त वर्ष 2020-21 में निजीकरण किया जाएगा. इनमें चंडीगढ़, अंडमान-निकोबार की डिस्‍कॉम शामिल हैं. इसके अलावा दादर नागर हवेली और दमन-दीव की डिस्‍कॉम को भी निजी कंपनियों को सौंपा जाएगा. सरकार के सूत्रों के मुताबिक, रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन और पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन की ओर से राज्‍यों की डिस्‍कॉम में 68,000 करोड़ रुपये डालने को मंजूरी दे दी गई है
[9/3, 8:38 AM] God Father: पिछले वित्‍त वर्ष में डिस्‍कॉम को हुआ 2.28 लाख करोड़ का नुकसान
सूत्रों के मुताबिक, राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ओर से उधार लेने की सीमा (Borrowing Limit) बढ़ाने के साथ ही 1.2 लाख करोड़ रुपये की पूंजी की मांग की जा सकती है. उम्‍मीद की जा रही है कि साल 2020 के अंत तक सभी डिस्‍कॉम का नुकसान घटाकर 1.4 लाख करोड़ रुपये तक लाया जाएगा. बता दें कि डिस्‍कॉम को वित्‍त वर्ष 2019-20 के दौरान 2.28 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जून 2020 तक बिजली उत्‍पादन और वितरण कंपनियों के लिए, लिए गए उधार में से राज्‍यों की डिस्‍कॉम पर 2.63 लाख करोड़ रुपये बकाया हैं. इनमें राजस्‍थान डिस्‍कॉम पर 35,042 करोड़ रुपये, तमिलनाडु का 18,970 करोड़ और उत्‍तर प्रदेश का 13,715 करोड़ रुपये बकाया होना बताया गया है

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