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जनपद में अग्निपथ योजना के विरोध में भारत बन्द का असर देखने को नहीं मिला, पुलिस प्रशासन की चप्पे चप्पे पर नजर

डीएम-एसएसपी ने प्रभावित क्षेत्र में भ्रमणशील रहते हुए हालात पर रखी पैनी नजर

रिपोटर्र आकाश कुमार

अलीगढ़ जनपद 20 जून 2022 को अग्निपथ योजना के विरोध में बन्द के आव्हान का जनपद में कही असर देखने को नहीं मिला,

जनपद की पॉच तहसीलों में खैर एवं इगलास में विगत दो दिन से शान्ति एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से छावनी में तब्दील किया गया है, खबर लिखे जाने तक जनपद भर में जाम, प्रदर्शन एवं बाजार बन्द होने जैसी कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हुई।

जिला मजिस्ट्रेट इंद्र विक्रम सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी द्वारा लगातार क्षेत्र भ्रमण कर हालात पर पैनी निगाह रखी गयी।

इधर मण्डलायुक्त गौरव दयाल एवं डीआईजी दीपक कुमार द्वारा भी लगातार भ्रमणशील रहकर कानून व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण रखा गया।

डीआईजी एवं एसएसपी लगातार पुलिस अधिकारियों एवं तैनात सिपाहियों की हौसला अफजाई करने के साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश देते नजर आए,

जानकारी के मुताबिक आज प्रदेश सरकार द्वारा बन्द को लेकर पूर्व से ही अलर्ट जारी किया गया था। जिसको लेकर जनपद में व्यापक सुरक्षा प्रबन्ध किये गये थे।
डीएम-एसएसपी द्वारा सभी तैनात मजिस्ट्रेट्स एवं पुलिस अधिकारियों को सार्वजनिक व निजी सम्पत्तियों को नुकसान पहुॅचाने वाले हुजूम, पथराव व रास्ता जाम कर जनसामान्य को मुसीबत में डालने वालों के खिलाफ सख्ती से पेश आने एवं किसी प्रकार की रियायत न बरतने के निर्देश दिये गये थे। शान्ति एवं कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जनपद में पुलिस के साथ ही पीएसी को भी तैनात किया गया था,

डीएम-एसएसपी ने सोमवार को खैर एवं गभाना क्षेत्र में सघन निरीक्षण किया,
सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जनपद स्तर पर व्यापक प्रबन्ध के साथ मजिस्ट्रेट ड्यूटी भी लगाई गयी,

विगत दिनों हुए बवाल के लिए दोषी 50 व्यक्तियों की पहचान कर जेल भेजा गया एवं 50 से अधिक लोगों पर शान्ति भंग के आरोप में कार्यवाही भी की गयी, सोशल मीडिया पर भी निरन्तर पैनी निगाह रखी गयी हैं,

जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह द्वारा खेरेश्वर धाम पहुॅचकर भगवान श्री भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया गया,

इस दौरान उन्होंने प्राचीन मन्दिर में दुग्धाभिषेक कर पूजा अर्चना भी की,

जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा विभिन्न माध्यमों से नौजवानों में नसीहत भरे संदेश भेजे गये कि वह जोश में आकर होश खोकर ऐसा कोई कार्य न करें जिससे उनका भविष्य दांव पर लग जाए, विरोध प्रदर्शन का अपना तरीका होता है,

यदि किसी व्यक्ति को अपनी बात कहनी है तो संवैधानिक दायरे में रहकर रखी जा सकती है। हिंसक बनकर देश की संपदा को नष्ट करना और आम नागरिकों को खतरे में डालकर देश सेवा नहीं की जा सकती है। नौजवान धैर्य के साथ अग्निपथ योजना की बारीकियों को समझें और देश सेवा में आगे आएं,

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