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जनपद हाथरस केस, की हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि बिना मर्जी के किया अंतिम संस्कार

मो दिलशाद की रिपोर्ट 13/10/2020

हाईकोर्ट की लखनऊ यूपी बेंच में हाथरस जनपद घटना की पीड़िता के शरीर का कथित तौर पर मनमाने तरीके से, परिवार की मर्जी के बिना और रातों-रात अंतिम संस्कार कराने के मुद्दे पर सुनवाई हुई। पीड़ित परिवार की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा ने कहा कि परिवार ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि बिना सहमति के अंतिम संस्कार किया गया। अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी। हाईकोर्ट में पीड़िता के परिजनों के अलावा कई अधिकारी भी कोर्ट में मौजूद रहे।  पीड़ित परिवार से पांच लोग सीओ और मजिस्ट्रेट की निगरानी में कोर्ट के सामने पेश हुए और अपना बयान दर्ज कराया परंतु 
पेशी के लिए परिवार भारी पुलिस सुरक्षा के बीच सोमवार सुबह 11 बजे के करीब लखनऊ पहुंचा।एसडीएम अंजली गंगवार, सीओ शैलेन्द्र बाजपेयी, जनपद के डीएम प्रवीन लक्ष्यकार व एसपी भी पीड़ित परिवार के साथ लखनऊ पहुंचे हैं। छह गाड़ियों के काफिले के साथ पीड़ित परिवार के पांच सदस्य लखनऊ हाईकोर्ट पहुंचे।  उक्त मामला ‘गरिमापूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार के अधिकार’ टाइटिल के तहत न्यायमूर्ति पंकज मित्तल व न्यायमूर्ति राजन रॉय की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया।

उल्लेखनीय है कि 1 अक्तूबर को इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए, अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था, जिलाधिकारी हाथरस और पुलिस अधीक्षक हाथरस को तलब किया था। न्यायालय ने मृतक पीड़िता के मां-पिता, भाई व बहन को भी हाजिर होने को कहा था, ताकि अंतिम संस्कार के सम्बंध में उनके द्वारा बताए तथ्यों को भी जाना जा सके। वहीं न्यायालय ने अधिकारियों को मामले से सम्बंधित दस्तावेज इत्यादि लेकर उपस्थित होने का आदेश दिया था। साथ ही विवेचना की प्रगति भी बताने को कहा था। पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे लोग
हरियाणा के खरखौदा सोनीपत) से कांग्रेस विधायक जयवीर सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उनकी समस्याओं को जाना। उन्होंने कहा, इस परिवार के साथ जो घटना घटी वह शर्मनाक घटना है। इसे समाज सहन नहीं करेगा। जब तक न्याय नहीं मिलेगा जब तक पूरे देश में संघर्ष जारी रहेगा। इस परिवार को न्याय मिलना जरूरी है। दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। यह परिवार सीधा है। इस परिवार को पता नहीं कि आखिर कौन सी संस्था उन्हें न्याय देगी, लेकिन परिवार न्याय चाहता है। वह चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि परिवार के कोर्ट आने जाने व अन्य कार्यों से जाने पर प्रशासन को सुरक्षा के इंतजाम लंबे समय तक रखने चाहिए।  

उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित युवती के साथ हुए कथित गैंगरेप और मौत केस की जांच को सीबीआई ने अपने हाथों में ले लिया है। अधिकारियों ने कहा कि जांच एजेंसी के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है और प्राथमिकी दर्ज किए जाने के तुरंत बाद फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ जांच दलों को अपराध स्थल पर भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस केस की सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश की थी। अधिकारियों ने शनिवार देर शाम इस बात की जानकारी दी है

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