बिहार, सड़क पर है जगह जगह गड्डे राहगीरों का चलना हुआ दुवर होते आए दिन सड़क हादसे

संवाददाता रमेश की रिपोर्ट 26/11/2020

(सुपौल): पिपरा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत निर्मली पंचायत में सड़क को लेकर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस गांव के लोग कई चुनाव को आते जाते देखा मगर विकास की इस दौड़ में भी अपने को ठगा महसूस करते हैं। जबकि चुनाव के पूर्व विकास की खूब बातें होती है स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव से पहले नेताओं के द्वारा सड़क बिजली, स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के वादे किए जाते हैं लेकिन चुनाव समाप्त होते ही धरातल पर काम की बातें ठहर जाती है। खासकर यहां के लोग पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण निर्मली चौक मेन रोड से हटवरिया होकर गुजरने वाली रोड जो हरदी दुर्गा स्थान वाले मेन रोड तक जाती है जिसे कुछ माह पूर्व ही मेंटेनेंस का काम किया गया था जो अभी चलने के लायक नहीं है। वहीं दूसरी रोड जो निर्मली चौक से पूर्व थोड़ा आगे दक्षिण दिशा में कटती है जो पंचायत के वार्ड नं 5 और 7 होते हुए महिचंदा तुला पट्टी व रामनगर को जोड़ती है जबकि निर्मली और महिचंदा सीमा बड़ी नहर तक पक्की रोड बनी हुई है। अधूरी लटकी हुई है तो नहर से निर्मली टोला तक लम्बाई दो किलोमीटर जो पैदल चलने के लायक नहीं है जो दोनों पंचायतों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है। जहां खासकर निर्मली धार पुल के पास सड़क पर मिट्टी नहीं रहने के कारण सड़क पुरी तरह छतिग्रत होकर दस फुट तक का गढ़ा बना हुआ है जिससे लोगों को आने जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पिपरा विधानसभा क्षेत्र में पड़ने वाले इस गांव के वासी सड़क को ही मुद्दा बनाकर नेताओं को घेरने के मूड में हैं। इस समस्या के संबंध में निर्मली पंचायत के दिनेश मंडल, डॉ उमाशंकर मंडल, निर्मल मंडल, कैलाश मंडल, सत्य नारायण मंडल, शिव नारायण मंडल, रामनारायण मंडल, देवनारायण मंडल, सत्तन मंडल, जगदीश मंडल, पवन कुमार मेहता, मो० नईम, मो० रुशतान आदि ग्रामिणों ने बताया कि लोगों को सड़क के अभाव में काफी परेशानी हो रही है। इस समस्या से लोगों को कई वर्षों से लड़ना पड़ रहा है मुख्य सड़क से गांव तक आने में आज भी कच्ची मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में घुटना भर पानी में डूबकर पैदल चलना दुर्बल हो जाता है तथा इस समस्या से निजात दिलाने में कोई कार्य नहीं हो रहा है। जबकि गांव के विकास से ही राष्ट्र का विकास संभव है। गांव के विकास स्वास्थ्य, स्वच्छता, शुद्ध पेयजल और रोजगार के अवसर को प्राथमिकता देने में सरकार अब तक नाकाम साबित हो रही है। निर्मली पंचायत में समस्याओं की भरमार है। शौचालय, स्वास्थ्य, शुद्ध पेयजल, सड़क निर्माण कार्य आदि बुनियादी सुविधाओं के लिए ग्रामीण तरस रहे हैं। यहां बरसात में पंचायतवासियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। निर्माण की मांग को लेकर पंचायतवासियों ने कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी मगर कोई नहीं सुन पाया जिसका जीता जागता उदाहरण सामने है। इतना ही नहीं सरकारी शिक्षण संस्थान रहने के बावजूद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है। प्राथमिक शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है। यही कारण है कि अब बच्चों के अभिभावक प्राइवेट कोचिंग सेंटर की ओर रुख कर रहे है। आज भी ग्रामीण क्षेत्र से लेकर सरकारी संस्थान तक शौचालय की काफी कमी देखी जा रही है। पंचायत के 40 प्रतिशत घरों में शौचालय नहीं है। सिचाई के अभाव में खेती प्रभावित हो रही है। जिसके कारण लघु कृषक व मजदूरों का पलायान हो रहा है। सरकार को प्राथमिकता देते हुए शौचालय निर्माण, शुद्ध पेय जलापूर्ति, स्वास्थ्य सेवा व किसानों की स्थिति में सुधार के उपाय तलाशने की आवश्यकता है। समाज के सुलझे हुए विचार धारा के लोगों को बस इस बात का इंतजार है कि सरकार यहां इतनी बड़ी अवादी रहने के बाद भी गांव को विकसित करने के लिए क्या-क्या उपाय करती है।

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