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यू पी में 55 हजार बिजली कनेक्शन पर लगे हैं मीटर खराब 1,39 करोड़ उभोक्ताओं ने कभी नहीं किया बिल जमा

विशेष संवाददाता की रिपोर्ट
23/07/202
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लखनऊ,। उत्तर प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के लेकर एक महत्वपूर्ण चौंकाने वाली जानकारी प्रकाश में आई है। राज्य में 35 प्रतिशत उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद कभी भी बिजली बिल भरा ही नहीं। ये जानकारी उस वक्त सामने आई हैं जब चार हजार करोड़ रुपए के राजस्व घाटे की भरपाई के लिए उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) बिजली की कीमतों को बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने लखनऊ स्थित शक्ति भवन में 15 जुलाई को एक वर्चुअल मीटिंग की थी। इसमें एक रिपोर्ट पर चर्चा हुई,जिसमें इस बात का जिक्र था कि राज्य के 3 करोड़ सक्रिय उपभोक्ताओं में से 1,39 करोड़ ने कनेक्शन लेने के बाद कभी बिल ही नहीं भरे। इस रिपोर्ट को हिन्दुस्तान टाइम्स ने भी एक्सेस किया है।
बिल जमा न करने वाले उपभोक्ताओं में से लगभग 1.35 करोड़ ग्रामीण और अर्ध-ग्रामीण क्षेत्रों के हैं,जबकि शेष लगभग 40,000 शहरों के हैं। रिपोर्ट के मुताबिक,केवल 65 प्रतिशत उपभोक्ता ही बिल का भुगतान करते हैं। बिजली बिल नहीं भरने वाले सबसे अधिक उपभोक्ताओं की संख्या पीयूवीवीएनएल (वाराणसी) में है। इस कंपनी के करीब 40.26 लाख उपभोक्ताओं ने कभी बिल का भुगतान ही नहीं किया। यूपीपीसीएल के स्वामित्व वाली वाराणसी डिस्कॉम पूर्वी यूपी के जिलों में बिजली सप्लाई करती है। बिल न भरने वाले उपभोक्ताओं की संख्या लखनऊ (एमवीवीएनएल) में 31.52 लाख, आगरा (डीवीवीएनएल) में 21.86 लाख और मेरठ (पीवीवीएनएल) में 10.25 लाख है।
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिल जमा न करने की एक समस्या थी इस कारण बिजली कंपनी का घाटा बढ़ता गया इसके बाद हमने जनप्रतिनिधियों से कहा कि आप बिजली बिल ने के लिए जनता को प्रोत्साहित करिए इसके अलावा हमने कर्मचारियों से भी कहा है कि वे सही भी जारी करें ताकि जनता को परेशानी ना हो इसी रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि राज्य में 13 लाख ऐसे उपभोक्ता के जिले में हिसाब से कभी भी नहीं हुआ 1441 लोगों के यहां मीटर ही नहीं लगा जबकि 55 हजार के विद्युत कनेक्शन में खराब लगे हैं मीटर रीडिंग के अनुसार बिल नहीं मिलने का सिलसिला ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र में ही देखने को मिला राज्य में ऐसे 12 लाख 82 हजार उपभोक्ता की इन्हें मीटर यूनिट के हिसाब से बिल नहीं भेजा जाता था सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिना मीटर रीडिंग के आधार पर बिल बनाने को टेबल बिलिंग कहा जाता है जिसमें वक्ताओं को वास्तविक मीटर इकाइयों के बजाय अनुमान के आधार पर बिल भेजा जाता है वही नियमित रूप से बिल जारी नहीं करना गलत बिल भेजना भी इसके पीछे एक वजह बनी हुई है

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