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शिक्षक दिवस के अवसर पर मा0 मुख्यमंत्री जी ने 75 जनपदों के शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार से किया सम्मानित

शिक्षक दिवस के अवसर पर मा0 मुख्यमंत्री जी ने 75 जनपदों के शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार से किया सम्मानित

रिपोर्टर आकाश कुमार
अलीगढ़ जनपद 5 सितम्बर शिक्षा को केवल सैद्धान्तिक नहीं बल्कि छात्रों को व्यावहारिक व तकनीकी रूप से सबल बनाने वाली होना चाहिये। शिक्षण संस्थानों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने वाले कार्यक्रमों से जुड़ें। समाज के प्रति निरपेक्ष भाव नहीं बल्कि समाज के सापेक्ष कार्य करने का प्रयास करें। जब शासन एवं प्रशासन स्तर पर शिक्षकों व प्रधानाचार्योंं से जड़ी सभी मस्याओं को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं तो शासन-प्रशासन भी आपसे बेहतर परिणाम की आशा व्यक्त करता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को आगे बढ़़ाने का प्रयास किया जाए। ऐसा कोई कार्य न करें जिससे आपकी कार्य पद्धित पर प्रश्न चिन्ह लगे।

उक्त उद्गार प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा लखनऊ में आयोजित भारत के द्वितीय राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती ’’शिक्षक दिवस’’ के अवसर पर व्यक्त किये गये। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के सभी जनपदों से चयनित 75 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार के तहत 25-25 हजार रूपये, 02 वर्ष का सेवा विस्तार एवं परिवहन निगम के बसों में निःशुल्क यात्रा अनुमन्य करने के साथ ही प्रदेश में संचालित विभिन्न बोर्ड के तहत सर्वाधिक परीक्षा परिणाम प्राप्त करने वाले 08 विद्यालयों के प्रधानाचायों को भी सम्मानित किया। उन्होंने पुरस्कृत शिक्षकों का आव्हान किया कि यह सेवा विस्तार या धनराशि आपके द्वारा किये गये कार्यों के आगे बहुत ही गौड़ जीचें हैं आपने जो अब तक किया कि अब इसे कुछ नयापन करते हुए बढ़ाना है जो आपकी आत्म संतुष्टी का भी कारण बनेगा। गत 05 वर्ष में बहुत कुछ हुआ है और आगे अभी बहुत कुछ करना बाकी है। शिक्षा में तकनीक का प्रयोग करते हुए बच्चों को कुछ नया करने के लिए प्रेरित करें,

उन्होंने बताया कि नीति आयोग द्वारा सक्सेस स्टोरी के रूप में उत्तर प्रदेश के ऑपरेशन कायाकल्प और प्रेरणा एप को शामिल करना आप सभी के सामूहिक कार्यों का ही सार्थक परिणाम है।

मा0 मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर 89600 कस्तूरबा गॉधी बालिकाओं के लिये 100 रूपये प्रतिमाह कुल 11 माह, 15448 दिव्यांग बालिकाओं के लिये 200 रूपये प्रतिमाह कुल 10 माह एवं गंभीर रूपये से दिव्यांग 6953 दिव्यांग बच्चों के लिये 600 रूपये प्रतिमाह कुल 10 माह के लिये छात्रवृत्ति डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में हस्तांतरित की गयी।
मा0 मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए नवीन 39 हाईस्कूल एवं 18 इंटट कॉलेज का शिलान्यास शिलापट्टिकाओं का अनावरण कर किया। मा0 मुख्यमंत्री जी ने छात्र-छात्राओं के बेहतर पठन पाठन, कैरियर काउंसलिंग एवं अन्य सुविधाओं के लिये 05 नये पोर्टल- ’’पहुॅच’’, ’’प्रज्ञान’’, ’’पंख’’, ’’परख’’ एवं ’’पहचान’’ को बटन दबाकर प्रदेश वासियों को सपमर्पित किया

मा0 मुख्यमंत्री जी ने महान शिक्षाविद्, दार्शनिक, भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन एवं संविधान निर्माण एवं शिक्षा के क्षेत्र में भारत रत्न डा0 कृष्णन द्वारा किये गये उनकी सेवाओं व कार्यों के प्रति उनको विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जब पूरा विश्व कोरोना जैसी महामारी ने लड़ रहा थ तो भारत अपनी नयी शिक्षा नीति-2020 पर कार्य कर रहा था। शिक्षा जगत में बहुत कुछ करने की संभावनाएं हैं। प्रदेश में गत 05 वर्षों में किये गये थोड़े से प्रयास के बेहतर परिणाम आप सभी के सामने हैं। पूर्व में उत्तर प्रदेश पूरे भारत में शिक्षकों की आपूर्ति का केन्द्र रहता था, प्रदेश के उसी गौरव को पुनः प्राप्त करना है। प्रदेश सरकार द्वारा पारदर्शी तरीके से बेसिक शिक्षा में 01 लाख 26 हजार एवं माध्यमिक शिक्षा में 40 हजार से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति की गयी।

इस दौरान मा0 माध्यमिक शिक्षा मंत्री श्रीमती गुलाब देवी ने शिक्षक सम्मान कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि श्री कृष्णन जी 40 वर्ष से अधिक का समय शिक्षक के रूप में व्यतीत किया। शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है।
सांस्कृतिक विरासत की पुनः स्थापना शिक्षकों के माध्यम से ही सम्भव है। बच्चे गुरू से ही सीखते हैं और गुरू द्वारा किये गये आचरण व व्यवहार को अपने जीवन में आत्मसात करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिये एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम को अंगीकृत किया गया। प्रदेश में नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिये 8373 परीक्षा केन्द्रों पर 1 लाख 37 हजारा परीक्षा कक्षों में वॉयस रिकॉर्डर के साथ लगभग 2 लाख 98 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाये गये।

मा0 मंत्री व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास श्री कपिल देव ने कहा कि जिज्ञासू व्यक्ति जीवन भर विद्यार्थी ही रहता है। मा0 प्रधानमंत्री जी के कथन ’’जिसके हाथ हुनर होगा, कौशल होगा वह कभी असफल नहीं होगा’’ को मा0 मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में कौशल विकास मिशन के माध्यम से साकार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा को तकनीक से जोड़ने के लिए आज कौशल विकास मिशन और माध्यमिक शिक्षा के मध्य एमओयू किया गया है जिसके माध्यम से अब छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ ही उनकी रूचि वाले विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी रूप से दक्ष कर उनको रोजगार के अवसर प्रदान किये जाएंगे,

मा0 मंत्री बेसिक शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) श्री संदीप सिंह ने कहा कि समाज के विकास एवं शिक्षा विभाग की नीतियों के क्रियान्वन में शिक्षकों की महती भूमिका होती है। शिक्षकों की सुविधा के लिए मानव संपदा पोर्टल विकसित किया गया जिससे उनके सेवा सम्बन्धी कार्य ऑनलाइन संपादित होते हैं और उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। दीक्षा पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश सरकार निरन्तर शिक्षा को तकनीक से जोड़ने का कार्य कर रही है। शिक्षकों को टैबलेट दिये जाने एवं विद्यालयों में स्मार्ट क्लास संचालन के सम्बन्ध में भी कार्यवाही की जा रही है। वर्ष 2016 में जहां बेसिक शिक्षा में 01 करोड़ 35 हजार विद्यार्थी थे वहीं अब मा0 मुख्यमंत्री जी की कुशल नीतियों के चलतेयह आंकड़ा 1 करोड़ 92 लाख को भी पार कर गया है। उन्होंने शिक्षकों से आव्हान किया कि वह ’’निपुण भारत अभियान’’ को जनआन्दोलन बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें और अपने विद्यालय के छात्र-छात्राओं की जिम्मेदारी लेते हुए उनके अभिभावकों से भी सम्पर्क करें।

जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में शिक्षक दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट स्थित एनआई सभागार में भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर लखनऊ में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा व सुना गया,

इस मौके पर राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित विकास खण्ड अकराबाद कम्पोजिट स्कूल कासिमपुर के शिक्षक सुरेन्द्र कुमार शर्मा के साथ ही कहानी लेखन, लघु फिल्म, आर्दर्श पाठ एवं नाटक प्रतियोगिता में राज्य स्तर पर सम्मानित प्राथमिक विद्यालय मुकन्दपुर की हेमलता गुप्ता, कहानी सुनाओ एवं कहानी गढ़ो प्रतियोगिता में सम्मानित पूनम गुप्ता प्राथमिक विद्यालय धनीपुर, कहानी गढ़ो प्रतियोगिता के लिये सम्मानित मेहमीना मुईन प्राथमिक विद्यालय नगला पटवारी, शैक्षिक लघु फिल्म के लिये सहायक अध्यापक यूपीएस सिरसा बिजेन्द्र सिंह, खेल, अमृत महोत्सव व स्वीप में अग्रणी भूमिका निभाने वाले सहायक अध्यापक सुशील कुमार शर्मा यूपीएस बीठना, चुनाव प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिये सहायक अध्यापक विवेक कुमार यूपीएस पीपल गॉव के साथ ही शिक्षक-स्नातक एमएलसी डा0 मानवेन्द्र प्रताप सिंह का जिलाधिकारी द्वारा शॉल ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया गया,

इधर मा0 एमएमसी डा0 मानवेन्द्र प्रताप ने शिक्षक दिवस की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है,
शिक्षक राष्ट्र निर्माण का कार्य करते हैं, उनका दर्जा सर्वाेच्च है। उन्होंने कहा कि सभी के द्वारा पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ अपने कार्य को संपादित कर अपने स्कूल, कॉलेज व समाज को आगे ले जाने में अपनी भूमिका का निर्वहन किया जाए।

जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि सभी के जीवन में वैसे तो अनेक गुरू आते हैं परन्तु अक्षर ज्ञान कराने वाले प्राइमरी शिक्षक की महती भूमिका होती है इस अवसर पर उन्होंने भावुक होते हुए अपने प्राइमरी शिक्षक मैयादीन को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि आज जनपद का नाम प्रदेश भर में विभिन्न क्षेत्रों में रोशन करने वाले शिक्षकों को उन्हें सम्मानित करने का मौका मिला है, यह उनके लिये गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह एक दिन का विषय न रहे, आप हर दिन इतना ही सम्मान प्राप्त करते रहे। अच्छे नागरिक देना, अच्छे शहरी देना आपकी जिम्मेदारी है। आपके संस्कारों के कारण समाज निर्मित होता है, इस वृहद दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए बच्चों को शिक्षित करें,
उन्होंने सभी शिक्षकों से आव्हान किया कि वह ’’मास्साब’’ फिल्म जरूर देखें,
इस अवसर पर मा0जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विजय सिंह, मा0 शहर विधायक मुक्ता संजीव राजा, मा0 छर्रा विधायक ठा0 रवेन्द्र पाल सिंह, प्रान्ज प्रान्त उपाध्यक्ष ठा0 श्यौराज सिंह, पूर्व विधायक श्री संजीव राजा, ज्वांइट मजिस्टेªट मृणाली जोशी समेत सम्मानित शिक्षणगण, अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण उपस्थित रहे,

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