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हाथरस रेप पीड़िता की भाभी ने पुलिस पर आरोप लगाया कि हमारी मनीषा शव नहीं था

आकाश रॉय की रिपोर्ट 03/10/2020

हाथरस जनपद उत्तर प्रदेश में विगत दिनों बलात्कार पीड़िता के परिवार ने आज शनिवार को विशेष जांच दल (एसआईटी) पर आरोपियों के साथ ‘मिले’ होने का आरोप लगाया और मांग की है कि मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो. उक्त 19 वर्षीय महिला की मां ने कहा कि उनकी मौत के बाद पुलिस ने उनकी बेटी का शव नहीं सौंपा था उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में जांच की मांग की और कहा कि परिवार को एसआईटी या सीबीआई पर भरोसा नहीं है.
मृतिका मां ने कहा कि ‘इन लोगों ने मुझे भीख मांगने के बाद भी अपनी लड़की का शरीर नहीं देखने दिया परंतु हम सीबीआई जांच भी नहीं चाहते हैं. हम चाहते हैं कि मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के जज के अधीन हो. हम नार्को टेस्ट क्यों कराएं जबकि हमने अपना बयान कभी बदला नहीं है इधर
मीडिया से बात करते हुए पीड़िता की भाभी ने कहा सबसे पहले पुलिसवालों को स्पष्ट करना चाहिए कि उस रात्री किसके शव का अंतिम संस्कार किया गया था. वह हमारी मनीषा का शरीर नहीं था हमने इसे नहीं देखा हम नार्को टेस्ट क्यों कराएं हम सच कह रहे हैं, हम न्याय मांग रहे हैं. डीएम और एसपी का नार्को टेस्ट हो. यही लोग झूठ बोल रहे हैं वो भी सफेद झूठ इस दौरान
मृतक के दादा के शव का अंतिम संस्कार करने के समय उपस्थित होने की खबरों का खंडन करते हुए, उनकी भाभी ने कहा है कि ‘लड़की के दादा की मृत्यु 2006 में हुई थी कोई कैसे दावा कर सकता है कि वह दाह संस्कार के दौरान उपस्थित थे यह भी सफेद झूठ बोला गया था
मृतिका की भाभी ने यह भी कहा कि ‘कल एसआईटी कल शुक्रवार को हमारे घर नहीं आई. वे गुरुवार को आए थे और सुबह करीब 9 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक यहां थे. जिला मजिस्ट्रेट लगातार कह रहे हैं अगर लड़की की मौत कोरोनोवायरस से हुई है इसलिए हमें मीडिया से बातचीत करने और बाहर जाने से रोका गया है. हमारी लड़की का शरीर हमें क्यों नहीं दिखाया गया? हम SIT पर भरोसा नहीं करते क्योंकि वे प्रशासन के साथ मिले हुए हैं इस लिए अब हमे न एस आई टी व सी बी आई पर भी भरोसा नहीं है

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