अलीगढ़ 12 अगस्त 2026 : जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान एवं गरिमा को बनाए रखने की अपील करते हुए भारतीय झंडा संहिता, 2002 में निहित दिशा-निर्देशों के पालन पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की अस्मिता, गौरव और एकता का प्रतीक है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह ध्वज के उपयोग एवं प्रदर्शन में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करे।
इस दौरान जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि संशोधित भारतीय झंडा संहिता के अनुसार नागरिक अपने घरों, कार्यालयों एवं प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकते हैं, बशर्ते उसकी गरिमा और सम्मान अक्षुण्ण रहे। ध्वज सदैव स्वच्छ, अखंड एवं सम्मानजनक स्थिति में होना चाहिए। फटा हुआ या मैला-कुचौला ध्वज प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए और न ही किसी अन्य ध्वज या वस्तु को राष्ट्रीय ध्वज से ऊपर या बराबर स्थान दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का प्रदर्शन सदैव गरिमापूर्ण ढंग से किया जाए तथा इसे किसी भी प्रकार के अनुचित प्रयोग से बचाया जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे आमजन में झंडा संहिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, जिससे प्रत्येक नागरिक राष्ट्रध्वज के सम्मान से जुड़े नियमों से परिचित हो सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज हम सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है। इसके सम्मान की रक्षा करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।परिक्षेत्रीय खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी श्रीमती संजीदा बेगम ने बुधवार को विकास भवन पहुंचकर मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार को तिरंगा झंडा भेंट किया। इस अवसर पर श्रीमती संजीदा बेगम ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान एवं देशभक्ति की भावना को प्रदर्शित करते हुए तिरंगा भेंट किया। मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता, गौरव और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने सभी से राष्ट्रीय पर्वों एवं तिरंगा अभियानों में उत्साहपूर्वक सहभागिता करने का आह्वान किया।



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