जनपद अलीगढ़ 21 अगस्त 2026 (सू0वि0) : स्वाधीनता महासमर की गौरवशाली गाथा से जुड़े अलीगढ़ के ऐतिहासिक स्थलों एवं घटनास्थलों को संरक्षित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। फांसी वाला कुआं समेत ऐसे सभी स्थलों को चिह्नित कर उनके संरक्षण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। यह आश्वासन जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों के प्रतिनिधिमंडल को दिया।
स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के प्रतिनिधिमंडल ने कामेश गौतम के नेतृत्व में जिलाधिकारी से भेंट की। इस दौरान आजादी का अमृत महोत्सव के जिला समन्वयक सुरेंद्र शर्मा ने स्वाधीनता महासमर में अलीगढ़ की ‘मातृशक्ति और साधु-संत’ पुस्तक जिलाधिकारी को भेंट की। उन्होंने पुस्तक के माध्यम से अलीगढ़ की स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका और स्थानीय स्तर पर योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों एवं जननायकों के बारे में जानकारी दी।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर तैयार की गई प्रदर्शनी अपने आप में अद्वितीय है। इस प्रदर्शनी को जनपद के विभिन्न ब्लॉकों में प्रदर्शित कर नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, बलिदान और राष्ट्रभक्ति से परिचित कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से लेते हुए स्वाधीनता संग्राम से जुड़े सभी प्रमुख घटनास्थलों की सूची तैयार करने और प्रत्येक स्थल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और संक्षिप्त जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे स्थल हमारी ऐतिहासिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष की जीवंत स्मृतियां हैं। इनके संरक्षण से आने वाली पीढ़ियों को देश की आजादी के लिए किए गए संघर्ष और बलिदानों से परिचित कराने में मदद मिलेगी। प्रतिनिधिमंडल में स्वतंत्रता सेनानी परिवार से श्रीमती रजनी तोमर, धर्मवीर सिंह, बसंत बंसल सहित करीब आधा दर्जन प्रतिनिधि मौजूद रहे।




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