अलीगढ़ जनपद 22 अगस्त 2026 :चीनी की कीमतों में कथित बढ़ोतरी और कालाबाजारी की शिकायतों को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। शासन के निर्देशों के क्रम में जिला एवं तहसील स्तर पर गठित समितियों द्वारा चीनी के व्यापारियों के स्टॉक की नियमित जांच की जा रही है। इसी क्रम में शनिवार को टीम ने हरदुआगंज क्षेत्र में चार सक्रिय चीनी व्यापारियों के यहां रैंडम आधार पर स्टॉक का निरीक्षण एवं सत्यापन किया।
जांच के दौरान मैसर्स विशन चन्द्र हरीचन्द्र, मैसर्स मदनलाल बिजेन्द्र कुमार, मैसर्स रामनिवास सर्वेश्वर कुमार और मैसर्स श्री बालाजी ट्रेडर्स, हरदुआगंज के यहां चीनी का स्टॉक निर्धारित सीमा के भीतर पाया गया। जांच में चीनी का बिक्री मूल्य लगभग 60 से 62 रुपये प्रति किलो और थोक मूल्य 5,800 रुपये प्रति क्विंटल पाया गया।
जांच के दौरान स्टॉक में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं मिली। प्रशासन ने सभी संबंधित व्यापारियों को निर्देश दिए हैं कि भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर अपने चीनी स्टॉक की घोषणा करना सुनिश्चित करें और प्रत्येक शुक्रवार को स्टॉक की स्थिति नियमित रूप से अपडेट करें। इसके लिए व्यापारियों का पोर्टल पर पंजीकरण कराने की कार्रवाई भी कराई जा रही है।
ज्ञातव्य है कि भारत सरकार द्वारा चीनी के व्यापारियों के लिए 1 अगस्त से 30 नवंबर तक स्टॉक लिमिट लागू की गई है। इसका उद्देश्य चीनी की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए बाजार में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करना है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्टॉक के निरीक्षण एवं सत्यापन के दौरान यदि स्टॉक में किसी प्रकार का अंतर अथवा अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक
वस्तु अधिनियम, 1955 और लागू आदेशों, अधिसूचनाओं एवं अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि चीनी के बाजार में अनावश्यक मूल्यवृद्धि, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए जांच एवं निगरानी की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।





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