अलीगढ़ महानगर 5 फरवरी 2026 : जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद एवं मरीज-हितैषी बनाने की दिशा में जिलाधिकारी संजीव रंजन ने एक अहम कदम उठाया है। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीरज त्यागी सहित नगर में स्थित तीनों चिकित्सालयों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा बाहर की दवाइयाँ न लिखी जाएँ।
इस दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष द्वारा इस संबंध में पहले ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। शासन की मंशा साफ है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले प्रत्येक मरीज को आवश्यक दवाइयाँ अस्पताल से ही निःशुल्क और समय पर उपलब्ध कराई जाएँ। यदि किसी स्तर पर निर्देशों की अवहेलना पाई जाती है तो तत्काल रोक लगाते हुए नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम के इस सख्त लेकिन जनहितैषी रुख से सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर आम जनता का विश्वास और मजबूत होगा। उन्होंने यह भी कहा कि शासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग को सभी आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराई जाती हैं। किसी दवा की कमी की स्थिति में संबंधित अस्पताल द्वारा समय से इंडेंट भेजना अनिवार्य है, ताकि आपूर्ति में कोई व्यवधान न आए और मरीजों को बाहर भटकना न पड़े। यह निर्णय सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें आमजन को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

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