रिपोर्टर आकाश कुमार 

अलीगढ़  महानगर 24 जनवरी 2026 : विद्युत विभाग में रिश्वतखोरी के विरुद्ध प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए कड़ा कदम उठाया है। 

निजी नलकूप संयोजन के नाम पर अवैध धनराशि मांगने के गंभीर आरोप में विद्युत वितरण खंड द्वितीय सारसौल, अलीगढ़ में तैनात अनुबंध लिपिक राकेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

मिली शिकायत के अनुसार शिकायतकर्ता महेश कुमार पुत्र रेवती प्रसाद, निवासी बढ़ौली, फतहे खाँ ने निजी नलकूप संयोजन स्वीकृत कराने के लिए 8 अक्टूबर को विभाग द्वारा निर्धारित संपूर्ण धनराशि 1,03,748 खंडीय कार्यालय में जमा करा दी गई थी। इसके बावजूद संबंधित कर्मचारी द्वारा 15,000 की अवैध मांग की गई और रिश्वत न देने पर अनुबंध प्रक्रिया को जानबूझकर लंबित रखा गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अभियंता (वितरण), अलीगढ़ मंडल पंकज अग्रवाल द्वारा आदेश निर्गत कर संबंधित कर्मचारी को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए सस्पेंड किया गया है। पूरे प्रकरण की विभागीय जांच प्रारंभ कर दी गई है और दोष सिद्ध होने पर और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक हस्तक्षेप के पश्चात शिकायतकर्ता का निजी नलकूप संयोजन भी अनुबंध प्रक्रिया पूर्ण कर निर्गत कर दिया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि शासन आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार, दलाली और अवैध वसूली किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा अवैध मांग की सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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