अलीगढ़ 13 जून 2026: आगामी मोहर्रम पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में तजियादारों,धार्मिक प्रतिनिधियों,समाज के गणमान्य नागरिकों, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए पर्व से संबंधित व्यवस्थाओं एवं संभावित समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न समस्याओं, शिकायतों एवं विवादों को क्रमवार जिलाधिकारी के समक्ष रखा गया, जिनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
जिला मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने कहा कि मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे, धैर्य एवं संयम के साथ मनाया जाए। उन्होंने कहा कि बैठक में उठाई गई सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा। जलभराव की आशंका वाले स्थानों पर पूर्व से ही जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बदलती भौगोलिक परिस्थितियों, संकरी होती गलियों एवं शहर के विस्तार को देखते हुए आयोजक एवं प्रशासन विशेष सतर्कता बरतें। दोनों समुदायों के जुलूस एक ही कर्बला स्थल तक जाएंगे, इसलिए सभी लोग धैर्य एवं अनुशासन बनाए रखें और युवाओं एवं बच्चों पर विशेष निगरानी रखें। आयोजक अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें और सभी अधिकारी अपने दायित्वों को भली-भांति समझ लें।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने कहा कि ऐसा कोई कार्य न किया जाए जिससे पर्व की गरिमा प्रभावित हो। भीषण गर्मी को देखते हुए आवश्यक सावधानियां बरती जाएं। पुलिस एवं यातायात व्यवस्था को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। उन्होंने अपील की कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाया जाए और सभी लोग कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
पुलिस अधीक्षक नगर आदित्य बंसल ने कहा कि पूर्व निर्धारित मार्ग एवं परंपराओं का पूर्णतः पालन किया जाएगा। किसी भी स्थिति में जुलूस के रूट में परिवर्तन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ताजियों की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट निर्धारित की गई है, जिसका पालन सभी ताजियादार सुनिश्चित करें। सुरक्षा की दृष्टि से जुलूस मार्गों का पूर्व निरीक्षण कर बिजली के तारों एवं अन्य अवरोधों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजलिसों का स्वरूप पूर्णतः धार्मिक होना चाहिए और जुलूसों में किसी प्रकार का शस्त्र प्रदर्शन स्वीकार्य नहीं होगा। करतबबाजी के दौरान भी सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। इधर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आर.एन. सिंह ने बताया कि मोहर्रम के अवसर पर आवश्यक स्थानों पर एम्बुलेंस एवं चिकित्सकीय टीमों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मनीष मिश्रा ने कहा कि सभी ताजियादार ताजियों एवं अलम की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखें और जुलूस मार्ग की जानकारी पूर्व में ही प्रशासन को उपलब्ध करा दें। किसी भी प्रकार की गैर-परंपरागत गतिविधि से बचें और आपसी सद्भाव बनाए रखें। उन्होंने आयोजकों से अपील की कि ऐसे युवाओं पर विशेष ध्यान दें जो अनुशासनहीनता की आशंका पैदा कर सकते हैं। बैठक में समाजसेवी मुख्तार जैदी ने जिला मजिस्ट्रेट एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को आश्वस्त किया कि प्रशासन द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः




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