अलीगढ़ जनपद: आज रविवार 19 जुलाई 2026।डिजिटल युग में स्मार्टफोन आज जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग विशेषकर युवाओं के अध्ययन, एकाग्रता और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा युवाओं को पुस्तकों से जुड़ने का संदेश अत्यंत प्रेरणादायी और समयानुकूल है।
लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित गोमती पुस्तक महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर मा० मुख्यमंत्री जी ने कहा था कि स्मार्टफोन का सीमित उपयोग आवश्यक है, लेकिन पुस्तकों का कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन के द्वारा युवाओं से प्रतिदिन कुछ समय पुस्तकें पढ़ने और मोबाइल पर अनावश्यक समय व्यतीत करने से बचने का आह्वान किया गया। पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं हैं, बल्कि वे व्यक्तित्व निर्माण, सकारात्मक सोच, विश्लेषण क्षमता और नैतिक मूल्यों का भी विकास करती हैं। भारतीय संस्कृति में ज्ञान और पुस्तकों को सदैव सर्वाेच्च स्थान दिया गया है। आज आवश्यकता है कि परिवार, विद्यालय और समाज मिलकर पठन संस्कृति को पुनर्जीवित करें।
इस दौरान सहायक निदेशक सूचना लेखक:संदीप कुमार ने कहा कि युवाओं को स्मार्टफोन के उपयोग की समय-सीमा निर्धारित करनी चाहिए, सोशल मीडिया पर अनावश्यक समय कम करना चाहिए और नियमित रूप से अपनी रुचि की पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए। पुस्तकालयों और पुस्तक मेलों से जुड़ना भी इस दिशा में उपयोगी कदम हो सकता है। आज का युवा यदि अपनी ऊर्जा और समय को पुस्तकों के माध्यम से ज्ञान अर्जित करने में लगाएगा, तो वह न केवल अपने व्यक्तित्व का विकास करेगा, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। वास्तव में, स्मार्टफोन हमें जोड़ता है, लेकिन पुस्तकें हमें गढ़ती हैं। यही वास्तविक सुधार की दिशा है।


Post A Comment: