डॉ. नरेन्द्र कुमार

                  रिपोर्टर आकाश कुमार 

अलीगढ़ 11 मार्च 2026 : अलीगढ़ व हाथरस में आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति से संचालित निजी चिकित्सालयों एवं चिकित्सकों के पंजीकरण व नवीनीकरण की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से प्रारम्भ की जाएगी। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. नरेन्द्र कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार 50 शैया से कम क्षमता वाले निजी चिकित्सालयों और नैदानिक संस्थानों को 5 वर्ष के लिए शर्तों के साथ पंजीकरण, नवीनीकरण की अनुमति प्रदान की जाएगी।

उन्होंने बताया कि सभी चिकित्सालयों को अपने परिसर में 5×3 फुट का पीले बैकग्राउंड वाला डिस्प्ले बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, जिस पर रजिस्ट्रेशन नंबर, संचालक का नाम, बेड की संख्या, चिकित्सा पद्धति, उपलब्ध सेवाएं एवं चिकित्सकीय स्टाफ का विवरण स्पष्ट रूप से अंकित करना होगा।

डॉ. कुमार ने बताया कि पूर्व में पंजीकृत प्रतिष्ठानों का पंजीकरण 31 मार्च 2026 तक वैध है। वहीं सिद्धा एवं सोया-रिगुपा पद्धति के चिकित्सकों का पंजीकरण भी आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड में पंजीकरण के बाद क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय, सासनी गेट, आगरा रोड अलीगढ़ में किया जाएगा।

इस दौरान उन्होंने बताया कि नवीन पंजीकरण एवं नवीनीकरण की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। निर्धारित अवधि में पंजीकरण या नवीनीकरण न कराने की स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित चिकित्सालय या चिकित्सक की होगी और अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

Share To:
Next
This is the most recent post.
Previous
Older Post

Post A Comment: