अलीगढ़ 13 मई 2026 : मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद खण्डपीठ, लखनऊ के आदेश के अनुपालन में जिले में मोडीफाईड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, हूटर एवं ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरणों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम ऐसे वाहनों के विरुद्ध सघन चेकिंग कर रही है, जो तेज आवाज वाले मोडीफाईड उपकरणों का प्रयोग कर रहे हैं।
एआरटीओ प्रवर्तन प्रवेश कुमार ने बताया कि बुधवार को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान मोडीफाईड साइलेंसर एवं प्रेशर हॉर्न लगे वाहनों पर कार्रवाई करते हुए तीन मोटरसाइकिलों को सीज किया गया, 04 दोपहिया वाहनों के चालान किए गए, जबकि 02 ट्रकों में प्रेशर हॉर्न पाए जाने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त नियमों का उल्लंघन करने वाले 03 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किए गए।
इस दौरान संभागीय परिवहन अधिकारी दीपक कुमार शाह ने बताया कि मोडीफाईड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न अथवा हूटर की बिक्री एवं फिटिंग करने वाले मोटर गैराजों और वर्कशॉप का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। जांच में ऐसे उपकरणों का भंडारण, बिक्री अथवा फिटिंग पाए जाने पर मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 182ए(3) के तहत संबंधित संचालक पर प्रति उपकरण एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। परिवहन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वाहनों में अवैध रूप से मोडीफाईड साइलेंसर लगाने वाले वाहन स्वामियों पर धारा 182ए(4) के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना एवं कारावास का भी प्रावधान है। सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे वाहन संचालित करते पाए जाने पर ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निलंबित किया जाएगा। साथ ही जिन वाहनों में मोडीफाईड साइलेंसर पाए जाएंगे, उनकी आरसी निलंबित करने की कार्रवाई भी प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।
एआरटीओ प्रवर्तन प्रवेश कुमार ने जिले के वाहन स्वामियों एवं गैराज संचालकों से नियमों का पालन करने और ध्वनि प्रदूषण रोकने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। आरटीओ दीपक शाह ने भी कहा कि जनहित में यह अभियान आगे भी निरंतर रूप से चलता रहेगा।



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